यूपी: पुलिस की लापरवाही के नतीजे,सुलग रहा है सहारनपुर

सहारनपुर: बड़गांव के शब्बीर पुर गांव में दलितों व ठाकुरों के बीच हुई आगजनी व गोलीबारी में दोनो पक्षों के दर्जनों लोग घायल हो गए एवम ठाकुर बिरादरी के एक युवक की दर्दनाक मौत ही गई। इस पूरे प्रकरण में में अब तक पुलिस 17 लोगों कोगिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गांव में आला अधिकारी डेरा डाले बैठे है। जिसके चलते गांव में शांति का माहौल है लेकिन पूरा गांव छावनी में तबड़ली हो चुका है। आसपास के गांवों में भी भारी पुलिस बल की गस्ती देखने को मिल रही है। इसपुरे घटना कर्म पर एसएसपी सुभाष चन्द्र दुबे ने कहा कि अशांति फैलाने वाले खुराफ़ातियों को चिन्हित कर जेल भेजने की कार्यवाजी की जा रही है। जिनमें अभी तक 17 लोगों पर धारा 148,149,302 व 504 के तहत कार्यवाही की गई है. बाकि आरोपियों की धरपकड़ की कोशिश जारी है। किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी नही बक्श जाएगा।




उपद्रवियों द्वारा पूरे गाँव को ज़िंदा जलाने का प्रयास।

महाराणा प्रताप की जयंती के बाद हुए बवाल में एक युवक सुमित की मौत हो जाने के बाद दूसरे गांवों से पहुंची भीड़ ने पूरे शब्बीर पुर गाँव को ज़िंदा जलाने का दुस्सास किया। जिससे चारों तरफ मासूम बच्चों व औरतों की चीख पुकार सुनाई देती रही। दर्जनों घर धु-धु कर जलने लगे। आसपास के गांवों के लोगों की माने तो शबिरपुर गाँव एक कोयले की भट्टी के समान धधक रहा था। और चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी।




जानें आखिर यहाँ क्या है दलित-ठाकुर विवाद
दरअसल इस गाँव मे पिछले कुछ समय पहले दलितों द्वारा एक मूर्ति की स्थापना की जा रही थी,जिसका ठाकुरों ने विरोध किया और मन्दिर स्थापना को रुकवा दिया। उसके बाद से ही गांव में स्थिति तनावपूर्ण चली आ रही थी। मामले ने तूल तब पकड़ा जब महाराणा
प्रताप की शोभयात्रा दलितों के गांव में पहुंची। तो एक पक्ष के लोगो ने डीजे बन्द करने को बोला जिसके बाद स्थिति इतनी बिकट हो गई कि दोनो तरफ से पत्थराव होना शुरू हो गया।




2 दर्जन से भी अधिक घायल,25 घर आग में जलें, एक की मौत।
ठाकुरों ओर दलितों के बीच इतना जबरदस्त पथराव हुआ कि पुलिस की तीन जीप सहित दर्जनों वाहनों में आग जनी व तोड़फोड़ करने की कोशिश की गई। इतना ही नही शब्बीर पुर गांव में हुए बवाल में देवबन्द के एस ओ सहित 2 दर्जन से भी अधिक लोग घायल हो गए है। और करीब 25 घर आग में जल गए है.

कई गाँव के लोगों में मूछो का तनाव।

शब्बीर पुर गांव में हुए बवाल की सूचना जब आसपास के गांवों में पहुंचनी शुरू हुई तो ठाकुर बिरादरी के लोग लाठी डंडों व धारदार हथियारों सहित शब्बीर पुर गाँव में पहुंच गए। यह पूरा प्रकरण पुलिस की लापरवाही का एक नतीजा भी है। आये दिन कुछ शरारती युवक जो समाजिक संघटनों के नाम पर सड़कों पर धरना प्रदर्शन करते है इनके होंसले इतने बुलंद हो जाते है कि यह पुलिस प्रसासन को भी कुछ नही समझते यदि इन बेलगाम गुंडों पर पुलिस अपना शिकंजा तभी बैठा ले तो हिम्मत नही कोई उपद्रव मचा सके




पुलिस की लापरवाही के नतीजे,सुलग रहा है सहारनपुर
हाल ही में दो समुदाय के बीच हुए फसाद की अगर बात करें तो उस फसाद में भी पुलिस की लापरवाही के चलते इतना बड़ा बवंडर मचा था,कीकमिशनर,डी आई जी ,डी एम व एसएसपी को भी भारी तनाव झेलना पड़ा था। उसके ठीक 10-15 दिन बाद बड़गांव में हुआ फसाद भी पुलिस की चूक का परिणाम है। क्योंकि पुलिस द्वारा उपद्रवियों पर मुकदमे दर्ज होने के बाद मामलों में लचर कार्यवाही से बवालियों के हौंसले बुलंद है। राजनीतिक दखल के कारण भी फसाद करने वाले आसानी से बच निकलते है।

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