एसएसपी के लिए गए संज्ञान की सोशल मीडिया पर हो रही प्रशंसा, लेकिन कहीं निर्दोष तो नही यज्ञ दत्त शर्मा..?

माज़िद कुरैशी/संकल्प नेब
सहारनपुर- लोगों से ठगी करने वाले की कुंडली खंगालने में थाना मंडी प्रभारी द्वारा अपनाई गई शैली पर एसएसपी द्वारा लिए गए संज्ञान की सोशल मीडिया पर प्रशंसा हो रही है। परंतु जिस तरह खबर प्लांट की गई है उससे थानेदार का निलंबन अवश्य ही जांच के बाद समाप्त हो जाएगा। प्रशांत सहित एक अन्य को धारा 151 में निरुद्ध करने की कार्यवाही थाना मंडी को क्यों करनी पड़ी और वो थाने कैसे पहुचे?

एसपी सिटी संजय सिंह करेंगे वीडियो और मामले की जांच
सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का नजदीकी होने का दावा करने वाला प्रशांत गुप्ता थाना मंडी कैसे पहुंचा जिस की कथित पिटाई की वीडियो वायरल होने पर एसएसपी सहारनपुर ने संज्ञान लेते हुए एसपी सिटी संजय सिंह को जांच सौंपी है जिससे मानव अधिकार के प्रति एसएसपी की संवेदनाएं भी मुखर हुई है।




प्रशांत पूर्व में भी कर चुका है ठगी
प्रशांत गुप्ता की जन्म कुंडली खंगालने के लिए जिस तरह थाना मंडी प्रभारी निरीक्षक यज्ञ दत्त शर्मा ने समाज सुधारक (पट्टा) दाए बाए जमीन पर पटका कर उसे ना केवल ₹25000 रुपये प्रवेश के नाम पर ठगी करने का राज उगलवाया बल्कि देहरादून में स्पंगो कंपनी में रिप्लेसमेंट के नाम पर काफी लोगों को चूना लगाया है सरकारी नौकरी के नाम पर भी लोगों को चूना लगाया है जिसके प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर उसके विरुद्ध FIR दर्ज होने का अश्वासन भी एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने मीडिया को दिया है।पूर्व में कर चुका है देहरादून में फ्रॉड।


जल्द होगा दूध का दूध पानी का पानी

एस पी सिटी जिन्हें कागजों में घेरने की महारत हासिल है इस प्रकरण में भी दूध का दूध पानी का पानी अवश्य करेंगे ऐसा विश्वास है और प्रशांत गुप्ता के साथ मारपीट हुई है अथवा पट्टे से केवल उसे डराया गया यह भी साफ हो जाएगा।

संभव नहीं पिटाई का वीडियो बनाना

पुलिस जिस तरह शातिर अपराधियों से पूछताछ करती है उसकी वीडियो बनाना असंभव होता है यदि थाना मंडी प्रभारी निरीक्षक उसकी पिटाई करते तो किसी की हिम्मत भी नहीं होती कि उसकी वीडियो बना पाता उसकी पिटाई की वीडियो यज्ञ दत्त शर्मा पर क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है उसकी जानकारी होना स्वाभाविक है। मंडी प्रभारी निरीक्षक अगर पिटाई कर रहे थे तो वीडियो क्या प्रशांत गुप्ता का रिश्तेदार बना रहा था जब की सच्चाई यह मुखर हुई है कि उसे पट्टा पटका कर डराया जा रहा था।




शीघ्र ही बहाल होंगे इंसपेक्टर मंडी?
इस्पेक्टर मंडी को निलंबन किए जाने से जहां एसएसपी की भूमिका प्रशसनीय रही है वही पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस्पेक्टर मंडी का पक्ष मजबूत पाया गया है और शीघ्र ही उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही को समाप्त कर उन्हें बहाल किया जा सकता है और उस के विरुद्ध प्राप्त हुई प्रार्थना पत्रों पर कार्यवाही होगी तब उसे स्पेक्टर मंडी की वर्दी उतारने की धमकी देने का खुद पता चल जाएगा।

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