दलितों ने किया पुलिस और मीडिया पर हमला ,धु धु कर फिर सुलग उठा सहारनपुर, दो एस पी पर गिरी गाज

सहारनपुर- बात अगर सहारनपुर जिले की करें तो पिछले 15-20 दिनों से जनपद की पुलिस और प्रशासन को उपद्रवियों के द्वारा खुली चुनौती दी जा रही है। और हर बार पुलिस फेल और निकम्मी साबित हो रही है। पहला मामला सडक दुधली में हुआ जहाँ भाजपा के एक सांसद का अचानक दलित प्रेम उमड़ आया और उनकी सोची समझी साजिश से दो समुदाय आमने सामने आ गये थे.




उसके बाद दूसरा मामले महाराणा प्रताप की जयंती को लेकर हुआ जिसमें एक युवक की मौत हो गई और 55 घरों को आग के हवाले कर दिया गया. इसी आग को दबाने के लिए प्रमुख सचिव गृह व् डीजीपी सुलखान सिंह को जनपद सहारनपुर आना पड़ा लेकिन मंगलवार को फिर से हुए उपद्रव में जिलेभर में पूरी तरह अराजकता का माहौल बना रहा। यह उपद्रवी बेखौफ होकर पुलिसवालों को पीटते रहे और पुलिस इनके आगे भागती रही और उपद्रवी गाड़ियों में आग लगाते रहे। इतना ही नही उपद्रवी खुलेआम अवैध असलहों से फायरिंग करते रहे। यहाँ तक की उनके इस तांडव में फंसे लोग अपने अपने भगवान से जिंदगी की भीख मांगते नजर आ रहे थे। यहाँ तक की इनके द्वारा पत्रकारों को भी नही बक्शा गया.




मंगलवार दोपहर को उपद्रवियों ने सबसे ज्यादा बवाल जनपद सहारनपुर के मल्हीपुरा रोड और नाजिरपुरा रोड पर किया। इन दोनों जगह उन्होंने पुलिस को भी नहीं बख्शा और पुलिस को दौड़ा-२ कर पिटा। और कई पुलिस वालों को इन उपद्रवियों ने बेरहमी से भी पीट डाला। नफरत के इस तांडव में अफसरों के हमराह सिपाही और अपने निजी दोपहिया वाहनों से ड्यूटी पर पहुंचे जनपद के पुलिसवाले और सहारनपुर के मीडियाकर्मी इन उग्र उपद्रवियों के शिकार बने।




इन उपद्रवी ने शर्मनाक काम तब किया जब एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन तक पर उपद्रवी हमलावर हो गए इस स्थिति को देख कर तो छोटे कमर्चारी भी भाग गए। उप्रदवियों के दुस्साहस और आतंक की इंतेहा तब हो गई जब पुलिस के सामने की पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस कुछ भी नहीं कर सकी।




उपद्रवीयों ने यात्रियों से की मारपीट
सहारनपुर में चल रहे एक तरफा उपद्रवीयों द्वारा बवाल से करीब एक घंटा उपद्रवियों ने ये आलम रखा कि जो भी दिखा उसे पीटा। उपद्रवी वाहनों में आग लगाते रहे। सहारनपुर निवासी आफताब की बस में नाजिरपुरा पर जिस बस में उपद्रवीयों ने आग लगाई गई उसमें 55 यात्री बताए गए हैं, जो बेहट शाकुंभरी देवी मंदिर से लौट रहे थे। भीड़ ने इस बस को घेर लिया। कुछ उपद्रवी डीजल टैंक को फोड़ने लगे। जोर-जोर से आग लगाने की आवाजें आने लगी। डर से कांप रहे यात्रियों ने हाथ जोड़े और नीचे उतारने की मनुहार की। भीड़ में कुछ लोगों ने किसी तरह यात्रियों को नीचे उतरने दिया, लेकिन उतरने के दौरान भी उनसे मारपीट की गई।




बस में आग लगा दी
यात्री पूरी तरह उतरे भी नहीं थे कि भीड़ ने बस में आग लगा दी। राजपाल राघव का कहना है कि वह अपने छह साल के बच्चे को डाक्टर को दिखाने आया था। उसका पैर टूट गया था। किसी तरह बेटे को लेकर उतर सका। एक बार लगा था कि आज जान जानी तय है। दूसरे यात्री हरबीर सिंह का कहना था कि वह शीशे की तरफ बैठा था। भीड़ ने बाहर से उसे डंडे मारे। मेरे पास बैठी महिला यात्री के गिरने से कपड़े फट गए। आज तो मौत उन्हें सामने नजर आ रही थी।

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