मयंक अरोड़ा ने भेजी गौमाता के ईलाज के लिए 500 लिटर दवाइयाँ

अनीस सिद्दकी/माजिद क़ुरैशी
सहारनपुर- राजस्थान में हुई भारी बारिश के कारण जन जीवन का तो नाश हुई ही वही बेज़ुबान पशुओं की हालत भी बद-से-बदतर हो गई। बारिश के चलते राजस्थान के पथमेडा ज़िला जालौन ने एशिया की सबसे बड़ी गौशाला में अब तक आई बाढ़ से सेकड़ो गोवंश मर चुके है। और हज़ारों गोवंश गम्भीर बिमारियों(लकवा,सूखा, पेचिस, खुरपकन) जैसी ला इलाज बीमारियों से ग्रस्त हो रही है।



इसी गौशाला की खबर सोशल मीडिया पर देखते ही सहारनपुर से ओरेगैनो ऑर्गेनिक लिमटिड इंडस्ट्री के युवा निदेशक व उधमी लिटिल(मयंक अरोड़ा) ने निर्णय लिया कि उनकी कम्पनी बीमार जानवरों की दवाई बनाती है। जिसके अंतर्गत इन सभी बीमारियों से लड़ने की भी दबाइयाँ उपलब्ध है।
मयंक अरोड़ा ने बताया कि बिना किसी स्वार्थ के केवल ईश्वर भक्ति व गौमाता के प्रति अपार श्रद्धा में उनके द्वारा 500 लीटर शक्तिवर्धक, पशुओं में पौष्टिक आहार के स्थान पर दी जाने वाली ऊर्जा वर्धक दवाइयां उनकी कम्पनी से राजस्थान भेजी गई। यह सभी दवाइयां बाजार में 500 रुपये प्रति लीटर से ऊपर की दवाइयां है जिससे पशुओं में एक अलग प्रकार की ऊर्जा बढ़ोतरी होती है। और रोगों से लड़ने के लिए उनमे एक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने बताया उनकी कम्पनी लगातार गौशाला के डॉक्टरों के सम्पर्क में है। यह दवाई कैसे इस्तेमाल कराई जाएगी इसके लिए भी राजस्थान के जालौन जिले में कुछ डॉक्टरों को सलाह दी गई है।





सपा नेता मनीष अरोड़ा ने दी भाई को बधाई।
एशिया की सबसे बड़ी नामचीन गौशाला में गोवंशों के मरने पर सपा नेता मनीष अरोड़ा ने दुख जताया और अपने छोटे भाई युवा उधमी लिटिल मयंक अरोड़ा के इस कदम को सराहनीय कदम बताते हुए उनकी खूब तारीफ की उन्होंने बताया कि मयंक कई सालों से समाज सेवा के कार्य करता आ रहा है। जिसमे केवल वह सेवा के लिए कार्यक्रम ही नही बल्कि दुखी लोगों की पूरी समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है। उसके द्वारा गौमाता की निस्वार्थ सेवा से वह अपने आप को गौरवनित महसूस कर रहे है। दोनों भाइयों ने देश के सभी लोगों से गौमाताओं की मदद करने की अपील की है।

गौमाता के लिए 500 लिटर दवाई भेजी
गौमाता के लिए 500 लिटर दवाई भेजी




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